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मैथिलीशरण गुप्त
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नर हो, न निराश करो मन को - मैथिलीशरण गुप्त | nar ho na nirash karo man ko
नर हो, न निराश करो मन को कुछ काम करो, कुछ काम करो जग में रह कर कुछ न…
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